खंडेश्वरी बाबा इंटर कॉलेज, चांदपुर मुस्तफाबाद को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कॉलेज के प्रबंधक बृजेश सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) वाराणसी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से विधिवत नियुक्त किए गए आलोक कुमार तिवारी को अब तक प्रधानाचार्य पद का कार्यभार नहीं सौंपा गया है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।बृजेश सिंह के अनुसार आलोक कुमार तिवारी की नियुक्ति शासन द्वारा की गई है और इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा काउंटर साइन भी किया जा चुका है। इसके बावजूद जानबूझकर कार्यभार ग्रहण कराने का आदेश जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में दिनेश कुमार सिंह, जो वित्तविहीन एवं गैर-सरकारी श्रेणी के कर्मचारी हैं, उन्हें केवल 11 माह के अल्पकालीन आदेश पर नियुक्त किया गया था।
इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर उनसे कार्य कराया जा रहा है।प्रबंधक बृजेश सिंह ने आरोप लगाया कि जिला विद्यालय निरीक्षक वाराणसी और विद्यालय प्रबंधक शशि भूषण सिंह की मिलीभगत से विद्यालय के सरकारी कार्यों में अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में सरकारी धन का दुरुपयोग कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब नियुक्ति से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और डीआईओएस द्वारा काउंटर साइन भी किया जा चुका है, तो फिर नियुक्त प्रधानाचार्य को कार्यभार सौंपने में देरी क्यों की जा रही है।इस पूरे मामले को लेकर बृजेश सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा सरकारी धन की वसूली की मांग की है।फिलहाल यह मामला शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

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