लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को अब हत्या की श्रेणी में माना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई और सवाल किया कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा बाजार में कैसे बिक रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि चाइनीज मांझा जानलेवा साबित हो रहा है और इसके कारण बीते एक साल में राज्य में कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसी किसी भी मौत पर लापरवाही नहीं, बल्कि हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।बैन के बावजूद बिक्री पर सवाल सीएम योगी ने अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए कहा कि जब चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो इसकी आपूर्ति और बिक्री कैसे हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निकायों को संयुक्त अभियान चलाकर भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के निर्देश दिए।दुकानदारों और सप्लायरों पर कड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि चाइनीज मांझा बेचने वालों, सप्लायरों और इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही, बरामद सामग्री को तत्काल नष्ट करने और दोषियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई भी की जाए।
जनजागरूकता अभियान के निर्देशसीएम ने प्रशासन को निर्देश दिए कि आम जनता को चाइनीज मांझे के खतरों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि लोग स्वयं भी ऐसे उत्पादों से दूरी बनाएं और सूचना तंत्र को मजबूत करें।पृष्ठभूमिचाइनीज मांझा सिंथेटिक और बेहद धारदार होता है, जिससे गले कटने, गंभीर चोटें और मौत तक की घटनाएं सामने आती रही हैं। राज्य सरकार पहले ही इसके निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा चुकी है, बावजूद इसके घटनाएं थम नहीं रही थीं।सरकार के इस फैसले के बाद अब चाइनीज मांझे से जुड़ी घटनाओं में जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों को हत्या जैसे गंभीर अपराध का सामना करना पड़ेगा।

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