उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने मानव सम्पदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।ज्ञापन में कहा गया है कि 31 जनवरी 2026 तक संपत्ति का विवरण अपलोड न करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष संजय तिवारी एवं जिला मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में राज्य के शिक्षक एवं लिपिक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में संलग्न हैं।
इसके अतिरिक्त बोर्ड परीक्षाओं, गृह परीक्षाओं एवं प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम समयबद्ध रूप से तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। इन व्यस्तताओं के कारण कई कार्मिक समय से मानव सम्पदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं कर सके।महासंघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य कर्मचारियों को कम से कम एक माह का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाए, ताकि वे नियमानुसार अपनी संपत्ति का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकें।संघ ने आशा व्यक्त की है कि शासन कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।

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