वाराणसी की सोनाली सिंह के अंतरिक्ष जागरूकता के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को ISRO के यूआर राव उपग्रह केंद्र, बेंगलुरु में आयोजित अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन 2025 में विशेष रूप से सराहा गया है। यह सम्मान उनके द्वारा देशभर में छात्रों के बीच विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए किए गए प्रभावशाली कार्यों के लिए मिला है।नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि सोनाली सिंह अखिल भारतीय तकनीकी सम्मेलन 2025 की कार्यक्रम समन्वयक रहीं। इस भूमिका में उन्होंने राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, नोएडा, प्रयागराज, बनारस, काशी, कानपुर सहित कई शहरों के विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों के बीच अंतरिक्ष जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए व्यापक आउटरीच प्रोग्राम चलाया।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन में चयनित 100 शोध पत्रों में से उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक विद्यार्थियों के शोध पत्रों को स्वीकृति मिली। यह आयोजन बेंगलुरु में आयोजित हुआ, जहां देशभर से वैज्ञानिक, शोधार्थी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए।वर्तमान में सोनाली सिंह नोएडा स्थित नमस्कार फाउंडेशन के अंतरिक्ष जागरूकता कार्यक्रम की समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा लिटिल फ्लावर हाउस, ककरमत्ता (वाराणसी) से हुई है। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई बरेली से और परास्नातक की शिक्षा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पूरी की है।सोनाली सिंह की इस उपलब्धि पर वाराणसी समेत पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को प्रोत्साहित कर रही है।

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