पिंडरा क्षेत्र में प्रस्तावित काशी द्वार आवासीय योजना को लेकर किसानों का विरोध शनिवार को उस समय तेज हो गया, जब केंद्रीय राज्य मंत्री ग्रामीण विकास कमलेश पासवान सर्किट हाउस में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के लिए पहुंचे। किसानों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध जताते हुए कम मुआवजे का आरोप लगाया और कहा कि करोड़ों रुपये की जमीन के बदले बेहद कम कीमत दी जा रही है।सर्किट हाउस पहुंचे किसानों ने केंद्रीय मंत्री को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों का कहना था कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन सरकार को नहीं देंगे। नारेबाजी और हंगामा बढ़ता देख मंत्री कमलेश पासवान ने पहले स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। हालात बिगड़ते देख मंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर वहां से निकल गए।हंगामा बढ़ने पर स्थानीय नेताओं ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने करीब 10 किसानों को हिरासत में लेकर सर्किट हाउस परिसर के एक कमरे में रखा है।
किसान परिवार मानापुर, चनौली, चकइन्दर और जद्दुपुर गांवों से बताए जा रहे हैं।किसानों ने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे जेल जाने को भी तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों का आरोप है कि काशी द्वार योजना के तहत जबरन भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।बताया गया कि सरकार पिंडरा तहसील क्षेत्र के 10 गांवों की 800 एकड़ से अधिक जमीन अधिग्रहित करने की योजना बना रही है, जहां काशी द्वार आवासीय योजना के अंतर्गत हाईटेक कॉलोनी विकसित की जानी है। आवास विकास परिषद द्वारा 7 गांवों में सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि 3 गांवों में किसानों के विरोध के कारण कार्य रुका हुआ है।वहीं एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि उन्हें टीम के लौटने की सूचना नहीं मिली है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत’ के सपनों को साकार करने वाला बजट बताया था।फिलहाल सर्किट हाउस परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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