मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर वाराणसी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी जिलाधिकारी वाराणसी को ज्ञापन देकर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां सिटी मजिस्ट्रेट रवि शंकर सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए SIR प्रक्रिया में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई। सपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा SIR के नाम पर एक समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।सपा नेताओं का कहना है कि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि PDA के कार्यकर्ता ‘PDA प्रहरी’ बनकर दिन-रात SIR प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं, इसके बावजूद दबाव बनाकर वोटरों के नाम कटवाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।
सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से नाम काटकर वोटरों को वंचित किया गया तो वे सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने खुद को लोहिया का सिपाही बताते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष की बात कही।इस दौरान उत्तरी विधानसभा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी ने मंत्री रविंद्र जायसवाल के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक को जिहाद शब्द का अर्थ ही नहीं पता है। “जिस दिन उन्हें जिहाद का वास्तविक मतलब समझ में आ जाएगा, उस दिन वे जिहाद-जिहाद करना बंद कर देंगे,” उन्होंने कहा।अब्दुल समद अंसारी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने आज़ादी के बाद अपनी मर्जी से भारत को चुना है और देश के लोकतंत्र में उसकी पूरी आस्था है। मुस्लिम समाज का इस देश की मिट्टी से गहरा लगाव है और वह आख़िरी सांस तक भारत में रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आते ही भाजपा द्वारा हिंदू-मुस्लिम की राजनीति की जाती है, जिसे अब जनता भली-भांति समझ चुकी है।

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