महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर काशी के प्राचीन एवं प्रसिद्ध जंगमवाड़ी मठ में आयोजित जगद्गुरु विश्वाराध्य जयन्ती महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन के प्रथम दिन प्रातःकाल पंचाचार्य ध्वजारोहण जगद्गुरुद्वय महास्वामीजी के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ, जिससे सम्पूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। देश के विभिन्न प्रांतों से आए संत-महात्माओं, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
प्रथम दिवस पर आयोजित वेदान्त शास्त्रार्थ में “स्वप्रकाशकत्व विचारः” विषय पर विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें शास्त्रीय तर्क-वितर्क के माध्यम से शैव दर्शन की गूढ़ व्याख्या की गई। शास्त्रार्थ के उपरांत स्वर्गीय एस. तेजस् (बैंगलोर) की स्मृति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। मध्याह्न में आयोजित विद्वत् सभा में संतों और आचार्यों ने वीरशैव परंपरा की महत्ता, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा आध्यात्मिक साधना पर अपने उद्बोधन दिए।महोत्सव के प्रथम दिन का समापन भक्तों के लिए प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण में हुआ।

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