काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय अंतर्गत कायचिकित्सा विभाग में 12 से 14 फरवरी तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “काशी काय संगमम्–2026” का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का मुख्य विषय वातव्याधियाँ है, जिसमें देशभर से 300 से अधिक आयुर्वेद विशेषज्ञ, शिक्षाविद, चिकित्सक एवं शोधकर्ता सहभागिता करेंगे।संगोष्ठी के दौरान वातव्याधियों के निदान, आयुर्वेदिक चिकित्सा, पंचकर्म, औषधीय योग, आहार-विहार तथा आधुनिक अनुसंधान आधारित उपचार पद्धतियों पर विस्तृत मंथन किया जाएगा। आयुर्वेद शास्त्रों में वातव्याधि के अंतर्गत वर्णित लगभग 80 रोगों, विशेषकर पैरालिसिस एवं विभिन्न जोड़ों से संबंधित रोगों की प्रभावी चिकित्सा पर विशेष चर्चा होगी।
कार्यक्रम में पुणे, प्रयागराज, हिमाचल प्रदेश, मुंबई, नागपुर, दिल्ली, भोपाल, हैदराबाद एवं कुरुक्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। संगोष्ठी में वैज्ञानिक सत्र, व्याख्यान, पैनल चर्चा एवं शोध पत्र प्रस्तुतियाँ आयोजित होंगी।आयोजकों के अनुसार यह संगोष्ठी आयुर्वेद के शास्त्रीय ज्ञान को आधुनिक शोध से जोड़ते हुए रोगी-हित में नई और प्रभावी उपचार रणनीतियाँ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

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