दिल्ली हाईकोर्ट। यह मामला वर्ष 2018 के चर्चित Unnao rape case से जुड़ा है। आरोप था कि रेप पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि उन्हें बुरी तरह पीटा गया था।इस मामले में सीबीआई जांच के बाद मनोज सेंगर समेत अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत ने उन्हें सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ अपील दायर की गई थी।
हाईकोर्ट का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत ने मनोज सेंगर को 24 घंटे के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।राजनीतिक पृष्ठभूमि कुलदीप सेंगर, जो उस समय उत्तर प्रदेश के उन्नाव से विधायक थे, पहले ही रेप मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।आगे क्या?यदि तय समयसीमा में सरेंडर नहीं किया गया, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।
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