वाराणसी। मोहनसराय–रोहनिया हाईवे अब केवल एक यातायात मार्ग नहीं, बल्कि काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनता जा रहा है। इस मार्ग पर बनाए गए भव्य ‘काशी द्वार’ और स्थापित धार्मिक प्रतिमाएं राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।हाईवे के प्रवेश बिंदु पर निर्मित कलात्मक द्वार काशी की प्राचीन परंपरा, संस्कृति और धार्मिक विरासत को दर्शाता है। द्वार पर की गई नक्काशी, शिल्पकारी और प्रतीकात्मक आकृतियां काशी की आध्यात्मिक गरिमा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। इसके साथ ही मार्ग के किनारे स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सौंदर्यीकरण से न सिर्फ क्षेत्र की पहचान मजबूत हुई है, बल्कि यात्री भी काशी में प्रवेश करते ही उसकी धार्मिक महत्ता को महसूस कर पा रहे हैं। शाम के समय रोशनी से सजा ‘काशी द्वार’ और भी मनमोहक नजर आता है।प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य शहर के प्रवेश मार्गों को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। आने वाले समय में हाईवे के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के कलात्मक और सांस्कृतिक तत्व जोड़े जाने की योजना है।मोहनसराय–रोहनिया हाईवे पर बना ‘काशी द्वार’ अब काशी में प्रवेश का भव्य स्वागत द्वार बन चुका है, जो शहर की आस्था, कला और संस्कृति का संदेश देता है।

.jpeg)