संत शिरोमणि गुरु रविदास महराज जी की जयंती के अवसर पर रविवार को नगीना सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद रावण वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास मंदिर में दर्शन-पूजन किया और लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान समर्थकों और रविदास समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।मंदिर परिसर में संत रविदास को नमन करने के बाद चंद्रशेखर आज़ाद ने समाज के लोगों से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत में सामाजिक उपेक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दलित और वंचित समाज को लगातार हाशिये पर धकेला जा रहा है, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब देश में “बेगमपुरा राज” आएगा, जहां सभी को समान अधिकार और सम्मान मिलेगा।
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि संत रविदास की जयंती का यह पावन दिन समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हर साल देशभर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और संत के संदेशों से प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने संत रविदास के समानता, सामाजिक न्याय और भाईचारे के विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि देश की आज़ादी और सुरक्षा में उनके समाज का ऐतिहासिक योगदान रहा है, बावजूद इसके उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने ब्रिटिश काल में गठित दलित रेजीमेंट को बहाल करने की मांग दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक समाज की नहीं, बल्कि सम्मान, स्वाभिमान और इतिहास से जुड़े अधिकार की लड़ाई है।चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि सरकारें दलितों के नाम पर राजनीति तो करती हैं, लेकिन अधिकार देने के समय पीछे हट जाती हैं। उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि आज़ाद समाज पार्टी दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज़ सड़कों से लेकर संसद तक मजबूती से उठाती रहेगी और यह लड़ाई शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगी।


