नई दिल्ली/पटना। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पास पहले से ही 18,456 से अधिक मामले लंबित हैं। इनमें से करीब 600 केस ऐसे हैं, जो पिछले 20 वर्षों से भी ज्यादा समय से चल रहे हैं, जबकि लगभग 13,000 मामलों में अब तक सिर्फ तारीख पर तारीख ही पड़ रही है।इसी बीच पटना की नीट छात्रा से जुड़े एक मामले को एक बार फिर CBI को सौंपे जाने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सोशल मीडिया और कुछ संगठनों का आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने की मंशा से इसे दोबारा CBI के हवाले किया गया है।आरोपों के अनुसार, इस केस में एक प्रभावशाली (VVIP) नेता के बेटे का नाम सामने आने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में CBI या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से भारी संख्या में लंबित मामलों के बावजूद किसी केस को दोबारा CBI को सौंपना जांच प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करता है। वहीं, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।फिलहाल, CBI की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और जांच प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।

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