प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सेवा तीर्थ में स्थानांतरित होंगे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे और शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ तथा कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। सेवा तीर्थ जाने से पहले प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम 4 बजे केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक करेंगे, जो ब्रिटिश कालीन नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में होने वाली आखिरी बैठक होगी। करीब 95 वर्षों से ये इमारतें देश की सत्ता और प्रशासन का केंद्र रही हैं।सेवा तीर्थ का अर्थ है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर 2025 को इसका नाम बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया। यह नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर स्थित है और लगभग 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसे एल एंड टी कंपनी ने ₹1189 करोड़ की लागत से बनाया है।
इस परिसर में तीन इमारतें हैं—सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय है। कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर 2025 में यहां शिफ्ट हो चुका है।सेवा तीर्थ परिसर के पास ही प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है, जिसके पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री वर्तमान 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास से नए आवास में स्थानांतरित होंगे। वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि, रसायन एवं उर्वरक और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के नए कार्यालय बनाए गए हैं। इन भवनों को डिजिटल तकनीकों से लैस किया गया है और इन्हें 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी, वाटर कंजर्वेशन, वेस्ट मैनेजमेंट और एनर्जी एफिशिएंट सिस्टम जैसी पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस एमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और जनता से बेहतर जुड़ाव की उम्मीद जताई जा रही है।

.jpeg)