नगर में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर काशी के प्रमुख शिव मंदिरों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। बाबा विश्वनाथ की नगरी में भक्तों की भीड़ अभी से उमड़ने लगी है। काशी विश्वनाथ मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूरे क्षेत्र में व्यापक बैरिकेटिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि दर्शन के दौरान किसी को असुविधा न हो।प्रशासन के अनुसार शिवरात्रि पर काशी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा एवं व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, आसपास के दुकानदारों ने भीड़ और बैरिकेटिंग को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पर्व से व्यापार में बढ़ोतरी होती है, हालांकि व्यवस्थाओं के कारण आवागमन प्रभावित होता है।
इसी क्रम में ईश्वरगंगी स्थित प्राचीन जागेश्वर महादेव मंदिर को भी भव्य रूप से सजाया जा रहा है। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शन, पूजन और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के महंत स्वामी मधुर कृष्ण जी ने बताया कि महाशिवरात्रि अत्यंत पावन और विशेष महत्व का पर्व है। इस दिन भगवान शिव का पूजन एवं रात्रि जागरण करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।उन्होंने बताया कि जागेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि पर विभिन्न भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही 16 फरवरी को साधु-संतों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया है।काशी में शिवभक्ति का रंग चढ़ने लगा है और पूरा नगर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजने को तैयार है।

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