वाराणसी,।शहर के युवाओं द्वारा संचालित सामाजिक संस्था ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर समाज के सामने वंचित बच्चों की वास्तविक स्थिति और उनकी संभावनाओं को उजागर किया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को संस्था के कार्यों से अवगत कराना और समाज को सहयोग के लिए प्रेरित करना रहा।संस्था की शुरुआत कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य स्लम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा और समग्र विकास के अवसर प्रदान करना है। “स्नोड्रॉप” नाम एक छोटे से सफेद फूल से प्रेरित है, जो कड़ी ठंड और बर्फ के बीच भी खिलता है। संस्था के सदस्यों के अनुसार यह फूल आशा, दृढ़ता, पवित्र नीयत और नई शुरुआत का प्रतीक है।
संस्था केवल बच्चों को पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। फाउंडेशन के स्वयंसेवक जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं। साथ ही, कपड़े व अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर उन्हें उनके अधिकारों और भविष्य के अवसरों के प्रति जागरूक बनाते हैं। बच्चों में आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि वे स्वयं को समाज से अलग-थलग न समझें।नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संस्था ने समाज की उदासीनता को तोड़ने और बच्चों की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि गरीबी का अर्थ प्रतिभा या क्षमता की कमी नहीं, बल्कि अवसरों की कमी है। संस्था ने लोगों से अपील की कि वे स्वयंसेवक बनकर या अन्य माध्यमों से सहयोग कर इस मुहिम का हिस्सा बनें।कार्यक्रम में अदिति पांडेय, मानिशा त्रिपाठी, प्रियंशु राय, ओमकार पांडेय, शोभा पासवान, स्वाति रंजन, मोहित, आयुषी, श्रवण और पल्लवी ने अभिनय किया। समन्वयक के रूप में सोनू तथा सचिव के रूप में शोभोजीत मिश्रा ने आयोजन की जिम्मेदारी निभाई।संस्था के सदस्यों ने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों की बेबसी को उम्मीद में बदलना है और उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

