लखनऊ उत्तर प्रदेश में न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करना एक थाना प्रभारी और एक विवेचक को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों का पालन न करने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों अधिकारियों को कोर्ट में खड़े रहने की सजा सुनाई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने पहले ही आवश्यक निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके, पुलिस अधिकारियों ने आदेशों का समय पर पालन नहीं किया।
इस पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए इसे न्यायालय की अवमानना माना।सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान करना प्रत्येक सरकारी अधिकारी की जिम्मेदारी है। आदेशों की अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों अधिकारियों को निर्धारित समय तक कोर्ट में खड़े रहने की सजा दी।इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि भविष्य में अधिकारी न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर और अधिक सतर्क रहेंगे।

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