स्वामी हरसेवानन्द जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सेवा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी शैक्षिक योग्यता का उपयोग न केवल व्यक्तिगत उन्नति बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए करना चाहिए। जीवन में सफलता और असफलता दोनों आती हैं, क्योंकि यह सिक्के के दो पहलू हैं। कठिन परिस्थितियों का सामना दृढ़ निश्चय, परिश्रम और आत्मसम्मान के साथ करना ही वास्तविक सफलता की पहचान है। यह विचार स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल, बनपुरवा में आयोजित कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं के विदाई एवं आशीर्वाद समारोह में विद्यालय के प्रबन्धक बाबा प्रकाशध्यानानन्द ने व्यक्त किए।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं विद्यालय के प्रेरणास्रोत स्वामी हरसेवानन्द जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण से हुई।
इसके पश्चात कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। कक्षा 12 के छात्रों में हिमांशु कुमार, हर्षित राज और अनुभव दूबे ने अपने भाव व्यक्त किए।विदाई समारोह के दौरान कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं ने ‘शुभकामना’ थीम पर आधारित नृत्य, संगीत और अभिनय की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर कक्षा 12 के सभी विद्यार्थियों को शुभकामना पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।इसके साथ ही विभिन्न उपाधियों से विद्यार्थियों को अलंकृत किया गया।श्रेयांश तिवारी को मोस्ट स्टूडियस,अभव दूबे को मोस्ट डिसीप्लीन बॉय, वैष्णवी यादव को मोस्ट डिसीप्लीन गर्ल, हर्षित राज को इनोसेंट बॉय,अनुष्का सिंह को इनोसेंट गर्ल, सौरभ सरोज को मोस्ट क्रिएटिव स्टूडेंट,अनुभव दूबे को मिस्टर फेयरवेल तथा प्रिया सिंह को मिस फेयरवेल की उपाधि प्रदान की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार चौबे ने कहा कि परीक्षा में धैर्य, सावधानी, समय प्रबंधन और लेखन कौशल पर विशेष ध्यान देकर बेहतर अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। विद्यार्थियों को एकाग्रता के साथ इन सभी पहलुओं का संतुलन बनाकर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम में स्वागत भाषण शिवांगी जायसवाल ने दिया, जबकि संचालन सृष्टि, ओजस्वी एवं श्रद्धा ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन छात्रावास अधीक्षक ले. एम.एस. यादव ने प्रस्तुत किया। समारोह में विद्यालय के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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