वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र में एक आभूषण व्यवसायी पर धोखाधड़ी, गाली-गलौज, जान से मारने और अपहरण की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव की शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव ने पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि आर्थिक जरूरत के चलते उन्होंने डेढ़ भर सोने की सिकड़ी और एक सोने की अंगूठी राजातालाब रानी बाजार के सर्राफा व्यवसायी रतन सेठ और उमेश सेठ (पुत्र ताराचंद्र) के पास गिरवी रखी थी। इसके बदले उन्हें 11 हजार रुपये दिए गए थे।
कुछ महीनों बाद जब उन्होंने अपने आभूषण वापस मांगे, तो दोनों सर्राफा व्यवसायी लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में उन्होंने आभूषण लौटाने से साफ इनकार कर दिया।देवेंद्र सिंह यादव का आरोप है कि 4 नवंबर 2025 को जब उन्होंने फिर से आभूषण लौटाने की मांग की, तो रतन सेठ और उमेश सेठ ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने तथा अपहरण की धमकी दी।इस संबंध में पीड़ित अधिवक्ता ने पहले थाना राजातालाब में तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी से शिकायत की और थाना प्रभारी पर एसीपी राजातालाब के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया।अधिवक्ता ने मांग की थी कि संबंधित सर्राफा व्यवसायियों के खिलाफ धोखाधड़ी, छल, धमकी और अपहरण की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद राजातालाब पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी है।

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