गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी से कलाकारों ने किया गुरुओं को नमन

संगीत परिषद, काशी की ओर से आयोजित त्रिदिवसीय सांगीतिक अनुष्ठान के तीसरे दिन रविवार को कबीरचौरा स्थित नागरी नाटक मण्डली सभागार में गायन, वादन और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ कलाकारों ने अपने गुरुजनों और बनारस घराने के महान कलाकारों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान सभागार सुर-साज और समर्पण भाव से सराबोर नजर आया।कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने दी। उन्होंने राग मिश्र खमाज में ठुमरी तथा दादरा प्रस्तुत किया। इसके बाद राग मिश्र पीलू में ‘मृग नयनी’ और अंत में पं. महादेव प्रसाद मिश्र की होली की बंदिश से अपनी प्रस्तुति का समापन किया। उनके साथ तबले पर पं. ललित कुमार, सारंगी पर अनीश मिश्रा, बाँसुरी पर शनीश ज्ञावली तथा सहगायन पर शुभ और स्वरांश मिश्र ने संगत की।

दूसरी प्रस्तुति विदुषी कमला शंकर के शंकर गिटार वादन की रही। उनके साथ तबले पर पं. ललित कुमार और सह गिटार पर निर्मल सैनी ने संगत की।तीसरी प्रस्तुति राहुल-रोहित मिश्र के शास्त्रीय गायन की रही। उन्होंने राग जोग में बड़ा ख्याल और द्रुत ख्याल प्रस्तुत किया। इसके बाद अप्पा जी को समर्पित टप्पा बहार तथा दादरा सुनाया। अंत में राग भैरवी में भजन प्रस्तुत कर गुरुजनों को नमन किया। उनके साथ तबले पर आनंद मिश्र और हारमोनियम पर हर्षित ने संगत की।चौथी प्रस्तुति शैली तिवारी के कथक नृत्य की रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा सप्तक की 11 महिलाओं द्वारा गणेश वंदना से हुआ। अतिथियों का स्वागत संस्था के सचिव विनोद अग्निहोत्री, डॉ. अजीत सहगल, डॉ. सुचरिता गुप्ता, संजय मेहता, सुरेंद्र मिश्र शीलू और मनीष खत्री ने किया।



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