उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सड़क पर नमाज़ पढ़ने को लेकर पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बीच क्षेत्राधिकारी (CO) का एक बयान चर्चा में आ गया है। सीओ ने कहा कि यदि किसी को “इतनी खुजली है तो ईरान चले जाएं”, और यदि यहां सड़क पर नमाज़ पढ़ी गई तो कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा।दरअसल, प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज़ अदा करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सड़क पर नमाज़ पढ़ने से यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है, इसलिए इसे रोकना जरूरी है।
सीओ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि धार्मिक गतिविधियां अपने-अपने निर्धारित स्थानों जैसे मस्जिद या ईदगाह में की जानी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़क पर नमाज़ पढ़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रशासन की सख्ती बताया, जबकि कुछ ने बयान की भाषा पर सवाल उठाए हैं।वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और सभी समुदायों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

