काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान में “विकसित कृषि–समर्थ भारत” किसान मेला, कृषि-उद्योग प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। दो दिवसीय यह कार्यक्रम 8 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसानों, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता अजीत कुमार चतुर्वेदी ने की। इस दौरान अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों से संवाद भी किया।
किसान मेले में पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार और मध्य प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों से लगभग 200 किसान शामिल हुए हैं, जबकि पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से करीब 800 किसानों ने पंजीकरण कराकर मेले में भाग लिया।मेले में सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं, सहकारिता संगठनों, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों तथा कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें एनएसएल कंपनी, डीसीएम फर्टिलाइजर, महाबीर एंड संस इंटरप्राइज, नेशनल सीड रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान सहित कई संस्थानों ने भागीदारी की है।मेले के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, संरक्षण कृषि, मिलेट उत्पादन, पशुपालन, औषधीय एवं बागवानी फसल प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और कृषि उद्यमिता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जा रही है।आयोजकों के अनुसार यह आयोजन किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

