नवरात्रि चतुर्थी पर दुर्गाकुंड मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु, माँ कुष्मांडा के दर्शन को लगी लंबी कतारें

चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन दुर्गा मंदिर दुर्गाकुंड में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही श्रद्धालु माँ के दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। सुबह होते-होते पूरा मंदिर परिसर जयकारों और भक्ति भजनों से गूंज उठा।यह प्राचीन और विश्व प्रसिद्ध मंदिर नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बन जाता है, जहां इस दिन माँ दुर्गा के माँ कुष्मांडा स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ कुष्मांडा सृष्टि की आदिशक्ति हैं, जिनकी मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई थी। उनका निवास सूर्यमंडल के मध्य में माना जाता है और वे समस्त ऊर्जा का संचालन करती हैं। नवरात्रि के इस दिन भक्त शांत और पवित्र मन से उनकी पूजा कर विशेष फल की कामना करते हैं।

मंदिर में भक्तों द्वारा नारियल, चुनरी, लाल फूलों की माला और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर माँ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। श्रद्धालु मंदिर के समीप स्थित दुर्गा कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना भी करते हैं, जिससे रोग, शोक और कष्टों से मुक्ति मिलती है।बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में रानी भवानी द्वारा कराया गया था। उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित यह मंदिर नवरात्रि के दौरान विशेष सजावट, रोशनी और भक्ति संगीत से और भी भव्य रूप ले लेता है।श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माँ कुष्मांडा के दर्शन से स्वास्थ्य, धन, बल और विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे, जिससे दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

Post a Comment

Previous Post Next Post