पवित्र माह रमज़ान की 21 तारीख को पहले इमाम इमाम हज़रत अली की शहादत की याद में वाराणसी के दोषीपुरा इलाके में अंजुमन जाफरिया की ओर से अलम और ताबूत का जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान फिज़ा ‘या अली’ की सदाओं से गूंज उठी और अज़ादारों ने सीनाज़नी कर ग़म का इज़हार किया।जुलूस से पहले आयोजित मजलिस में मौलाना ने इमाम अली की शहादत का वाकया बयान किया।
मजलिस के बाद दोषीपुरा से तुर्बत का जुलूस उठाया गया। अंजुमन जाफरिया दोषीपुरा के अज़ादारों ने नौहाख्वानी और मातम करते हुए जुलूस को आगे बढ़ाया। जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से होते हुए सरैया कर्बला स्थित इमामबारगाह में जाकर समाप्त हुआ।इसके अलावा हुसैनी हाउस सहित अन्य स्थानों पर भी मजलिस का आयोजन किया गया, जहां इमाम अली की शहादत का बयान सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं। मजलिस के बाद तुर्बत उठाई गई और अकीदतमंदों ने मातम कर अपने इमाम को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

