बनारस नागरिक समाज, सौहार्द पीस सेंटर और सांझा संस्कृति मंच के सदस्यों ने प्रदर्शन करते हुए “युद्ध नहीं, शांति चाहिए” के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल द्वारा रमजान के पवित्र महीने में ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता के बीच बिना युद्ध की घोषणा के ईरान के राष्ट्रीय व धार्मिक नेताओं की हत्या तथा स्कूल और अस्पतालों पर हमले मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। उनका कहना था कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि विभिन्न देशों पर सैन्य हस्तक्षेप और राजनीतिक दबाव राष्ट्रों की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना के खिलाफ है। उन्होंने भारत की पारंपरिक विदेश नीति—अहस्तक्षेप, संप्रभुता के सम्मान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व—को मजबूत बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

