राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 2026 के दौरान संत शिरोमणि संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने समाज में भक्ति, समरसता और सामाजिक सुधार का मार्ग प्रशस्त किया है। संत रविदास ने अपने जीवन से श्रम की प्रतिष्ठा, सेवा और सात्विक आचरण का संदेश दिया तथा जन्म आधारित भेदभाव को नकारते हुए समानता का मार्ग दिखाया।
काशी प्रांत के प्रांत कार्यवाहक मुरली पाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि यह कार्यक्रम 13, 14 और 15 मार्च को समालखा (हरियाणा) में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संत रविदास के विचार समाज को जोड़ने वाले हैं और उनके संदेशों को अपनाकर सामाजिक एकता व भाईचारे को और मजबूत किया जा सकता है।

