लखनऊ:उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बड़ी राहत मिली है। करीब एक साल पहले रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किए गए अभिषेक प्रकाश को अब बहाल कर दिया गया है। यह मामला एक कारोबारी द्वारा की गई शिकायत से जुड़ा था, जिसके बाद राज्य सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। दरअसल, वर्ष 2025 में एक उद्योगपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी कि सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी देने के बदले करीब 5 प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा है। आरोप था कि यह मांग अभिषेक प्रकाश की ओर से उनके एक कर्मचारी के माध्यम से की गई थी। शिकायत के बाद सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
बाद में मामला अदालत तक पहुंचा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि लगाए गए आरोप कानूनी तौर पर टिकाऊ नहीं हैं और इसी आधार पर केस को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही उनके खिलाफ दर्ज चार्जशीट भी निरस्त कर दी गई। कोर्ट के फैसले के बाद अभिषेक प्रकाश की सेवा में वापसी का रास्ता साफ हो गया। गौरतलब है कि अभिषेक प्रकाश 2006 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और पहले इन्वेस्ट यूपी के सीईओ तथा लखनऊ के जिलाधिकारी जैसे अहम पदों पर भी रह चुके हैं।

