आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद के चुनाव को लेकर फिर तेज हुआ विवाद

श्री आर्य महिला हितकारिणी महापरिषद के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद पर शुक्रवार को पूर्व अध्यक्ष ऑल इंडिया काउंसिल के  सत्यनारायण पांडेय ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि संस्था के चुनाव को लेकर डॉ. शशिकांत दीक्षित के साथ जो विवाद चल रहा था, उसमें हाईकोर्ट में उन्हें पराजय मिली और बाद में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई तीनों एसएलपी में भी उन्हें राहत नहीं मिली।सत्यनारायण पांडेय ने कहा कि अब रजिस्ट्रार चिट फंड को चुनाव संपन्न कराना है और जिलाधिकारी को वहां शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराई जाए। उनका कहना था कि जब वहां कोई वैध कमेटी नहीं है तो डॉ. शशिकांत दीक्षित के लोग परिसर के अंदर कैसे बैठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि निष्पक्ष चुनाव कराना है तो विद्यालय का अधिग्रहण कर प्रशासन की निगरानी में चुनाव कराया जाए।

वहीं इस मामले में ऑल इंडिया काउंसिल सदस्य पूजा दीक्षित ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप ही संस्था का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्था में हर पांच वर्ष में चुनाव होता है और वर्ष 2022 में चुनाव हुआ था। उस समय किसी ने यह नहीं कहा कि डॉ. शशिकांत दीक्षित का चुनाव गलत है, लेकिन बाद में विपक्ष के सत्यनारायण पांडेय ने कई मुद्दे उठाते हुए विवाद खड़ा किया और मामला अदालत तक पहुंच गया।पूजा दीक्षित ने बताया कि वर्तमान कार्यकाल के चार वर्ष दो महीने पूरे हो चुके हैं और लगभग आठ महीने का समय शेष है, ऐसे में अदालत की कार्यवाही के दौरान यह बात सामने आई कि जब संस्था में विवाद की स्थिति बनी हुई है तो चुनाव जल्द करा दिया जाए। उन्होंने कहा कि उनके पक्ष के वकील ने भी इस पर विशेष आपत्ति नहीं जताई और उन्होंने स्वयं भी चुनाव कराने की सहमति दी।उन्होंने कहा कि संस्था में चुनाव होने पर वे पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे और नई कमेटी बनाकर आगे संस्था के संचालन का कार्य करेंगे।



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