बीएचयू में साइकोजेनिक एपिलेप्सी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा साइकोजेनिक एपिलेप्सी विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के एन. उदप्पा सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सकों, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर सुंदरलाल चिकित्सालय के निदेशक डॉ. एस. एन. शंखवार द्वारा पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस दौरान प्रो. वी. एन. मिश्रा ने बताया कि साइकोजेनिक नॉन-एपिलेप्टिक सीजर्स (पीएनईएस) यानी साइकोजेनिक एपिलेप्सी ऐसे दौरे होते हैं जो देखने में मिर्गी जैसे प्रतीत होते हैं, लेकिन ये मस्तिष्क में असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण नहीं बल्कि मानसिक तनाव, भावनात्मक आघात या मनोवैज्ञानिक कारणों से उत्पन्न होते हैं। उन्होंने बताया कि ये दौरे पूरी तरह वास्तविक होते हैं और मरीज का इन पर कोई सचेत नियंत्रण नहीं होता, इसलिए इसका उपचार मिर्गी की दवाओं से नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक चिकित्सा, विशेष रूप से कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी के माध्यम से अधिक प्रभावी रूप से किया जाता है।इस राष्ट्रीय सेमिनार का उद्देश्य चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के बीच इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना तथा मरीजों के बेहतर उपचार के लिए नवीनतम जानकारी साझा करना है।



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