महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शास्त्रीय संगीत एवं मणिपुरी नृत्य का भव्य आयोजन, कलाकारों ने बांधा समा

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मणिपुर से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विश्वविद्यालय के मंच कला विभाग की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझने का अवसर प्राप्त किया।कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में नई सीख, सांस्कृतिक विविधता और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संगीता घोष ने बताया कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनकी रचनात्मकता और समझ का विस्तार हो सके।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मणिपुरी रासलीला की प्रस्तुति रही, जिसे देखकर सभागार तालियों से गूंज उठा। मणिपुर से आए कलाकारों ने अपने भावपूर्ण नृत्य और संगीत से पूरे माहौल को जीवंत बना दिया।मणिपुर से आए छात्रों ने बताया कि वाराणसी में यह उनका पहला प्रदर्शन था और यहां प्रस्तुति देने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। उन्होंने कहा कि इस मंच ने उन्हें अपनी कला को नए दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर दिया, जिससे वे उत्साहित हैं।कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने मणिपुरी नृत्य की बारीकियों को समझने और सीखने में गहरी रुचि दिखाई।इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संगीता घोष और नृत्य कलाकार बासु सिंह ने अपने विचार साझा करते हुए इस तरह के आयोजनों को सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाला बताया।यह आयोजन न केवल दो राज्यों के बीच सांस्कृतिक सेतु बना, बल्कि छात्रों के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव भी साबित हुआ।



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