सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुद्ध जयंती पर गूंजा समन्वय का संदेश, गोष्ठी में विद्वानों ने रखे विचार

सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय एवं धर्म संस्कृति संगम के संयुक्त तत्वावधान में बुद्ध जयंती के अवसर पर सम्पूर्णानंद स्थित योग साधना केंद्र में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का विषय “धर्म संस्कृति समन्वय में भगवान बुद्ध का योगदान” रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. वांग चुक दोर्जे नेगी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. के. सिरि सुमेध महाथेरो ने भगवान बुद्ध के विचारों और उनके वैश्विक प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध ने मानवता, करुणा और समन्वय का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उनके विचार धर्म और संस्कृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित विद्वानों, छात्रों एवं श्रद्धालुओं ने भी बुद्ध के जीवन, दर्शन और उनके योगदान पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व के संदेश को आत्मसात करने पर बल दिया गया। गोष्ठी का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




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