काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बिरला ‘अ’ छात्रावास में बीती रात पानी की समस्या को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। करीब एक घंटे तक चली पत्थरबाजी में एक सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जबकि दर्जनों अन्य सुरक्षाकर्मी भी चोटिल हुए हैं।मिली जानकारी के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे छात्रावास में पानी नहीं आने से नाराज छात्रों ने सड़क जाम कर विरोध शुरू किया। मौके पर पहुंचे वार्डन ने स्थिति संभालने की कोशिश की और बाहर से 75 बोतल पानी मंगवाकर छात्रों को दिया। साथ ही सुबह तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्र अंदर चले गए।
लेकिन कुछ देर बाद माहौल फिर बिगड़ गया। कुछ छात्र बाहर आकर सड़क पर केक काटने लगे, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने रोकने की कोशिश की। इसी दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।विवाद बढ़ने पर छात्र हॉस्टल की छत पर चढ़ गए और वहां से करीब एक घंटे तक लगातार पत्थरबाजी की। इस दौरान छात्रावास की लाइट भी बंद कर दी गई। रात 12:30 बजे शुरू हुआ यह हंगामा करीब 2:15 बजे जाकर शांत हुआ।स्थिति बिगड़ने पर वार्डन ने माइक से छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा शिक्षकों और सुरक्षाकर्मियों के साथ किया गया व्यवहार गलत है। अपील के दौरान छात्र “पानी दो-पानी दो” के नारे लगाते रहे। अंत में वार्डन ने सुबह समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। भेलूपुर के एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर छात्रों और सुरक्षाकर्मियों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पत्थरबाजी की घटना हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाकर शांत कराया।पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य हो गए हैं। प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

