मेरठ, उत्तर प्रदेश: बहुचर्चित ‘नीले ड्रम’ हत्याकांड में मेरठ की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी ठहराया है। इस मामले में पेश हुए 22 गवाहों के बयानों ने अदालत के फैसले में अहम भूमिका निभाई।
मामला क्या था?
यह सनसनीखेज मामला उस समय सामने आया था जब सौरभ का शव एक नीले ड्रम में बरामद हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने मुस्कान और साहिल को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था।
गवाहों के बयान बने आधार
अदालत में पेश किए गए 22 गवाहों ने घटनाक्रम को विस्तार से बताया।कई गवाहों ने मुस्कान और साहिल को घटना के समय सौरभ के साथ आखिरी बार देखे जाने की पुष्टि की।कुछ गवाहों ने आरोपियों के संदिग्ध व्यवहार और घटना के बाद उनकी गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला।फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी गवाहियों से मजबूती मिली।
अभियोजन पक्ष का तर्क
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि यह हत्या सुनियोजित थी। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों से यह साबित होता है कि आरोपियों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और सबूत छिपाने के लिए शव को ड्रम में रखा।
बचाव पक्ष की दलील
बचाव पक्ष ने आरोपों को खारिज करते हुए गवाहों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपियों को दोषी ठहराया।
आगे क्या?
अदालत अब जल्द ही सजा का ऐलान करेगी। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद और मजबूत हुई है।

