स्थानीय प्रशासन पर लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के प्रयास के आरोप लगे हैं। छात्र नेता समीर सिंह के आवास पर पुलिस के पहुंचने के बाद मामला गरमा गया है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने परिवारजनों पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को रोका जा सके।समीर सिंह और उनके समर्थकों का कहना है कि इस तरह के दबाव, भय और धमकी से उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और न ही न्याय की मांग कमजोर होगी।
उनका कहना है कि उनका आंदोलन स्वर्गीय मनीष सिंह को न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई को प्रशासन की घबराहट का संकेत बताया है। उनका कहना है कि सच की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे अन्याय के सामने झुकने वाले नहीं हैं।आंदोलनकारियों ने सभी साथियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे न्याय की इस लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएं।


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