दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ की संयुक्त मॉक ड्रिल, बाढ़ और जल दुर्घटनाओं से निपटने का किया अभ्यास

सावन माह और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस, 36वीं वाहिनी पीएसी और एनडीआरएफ की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान बाढ़, जल दुर्घटना और डूबने की घटनाओं में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य को लेकर जवानों ने अभ्यास किया।

मॉक ड्रिल में 36वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम जल पुलिस प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी के संरक्षण में आयोजित किया। इस दौरान उप सेनानायक प्रमोद कुमार यादव समेत पीएसी, जल पुलिस और एनडीआरएफ के अधिकारी व जवान मौजूद रहे।

Advertisement

अभ्यास के दौरान डूबते व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने, बाढ़ में फंसे लोगों के रेस्क्यू, लाइफ सेविंग उपकरणों के इस्तेमाल, सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। कमांडेंट डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में बचाव दल द्वारा स्वयं की सुरक्षा के साथ यात्रियों, श्रद्धालुओं, नाविकों और आम लोगों का त्वरित व सुरक्षित रेस्क्यू सुनिश्चित करना है।

Advertisement

अधिकारियों ने बताया कि सावन और मानसून में घाटों पर बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। इससे जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

Advertisement


Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post