नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्रों के लगातार जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले कई दिनों से छात्र संगठनों द्वारा उनके इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
इस्तीफा सौंपने के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों के हित सर्वोपरि हैं और शिक्षा व्यवस्था पर किसी भी प्रकार का विवाद या राजनीतिक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार का आभार भी जताया।
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परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन लगातार तेज होता गया, जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया। वहीं, विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक अहम राजनीतिक फैसला माना जा रहा है।
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