श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के घाट पर आयोजित माँ गंगा आरती के दौरान सोमवार को प्रसिद्ध तालवादक एवं पद्मश्री से सम्मानित शिवमणि ने अपने ड्रम वादन से ऐसा समां बाँधा कि पूरा वातावरण भक्ति और संगीत से सराबोर हो उठा।कार्यक्रम की शुरुआत शिवमणि जी द्वारा माँ गंगा के विधिवत पूजन के साथ हुई। इसके पश्चात गंगा आरती के दौरान उन्होंने अपने विशेष अंदाज़ में ड्रम वादन प्रस्तुत किया। उनके सुर और ताल की लय ने वहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जैसे ही आरती अपने चरम पर पहुँची, शिवमणि जी के वादन ने आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक दिव्यता प्रदान की। पूरे घाट क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने इस अद्भुत क्षण को भावपूर्वक अनुभव किया।यह आयोजन काशी की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और भारतीय संगीत कला के सुंदर संगम का जीवंत उदाहरण बना, जिसने उपस्थित जनसमूह के मन में गहरी छाप छोड़ी।

