धार्मिक एवं सामाजिक चेतना को सशक्त करने के उद्देश्य से प्रस्तावित शंकराचार्य की ‘गविष्ठि यात्रा’ को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मठ में आयोजित एक विशेष बैठक में इस यात्रा के लिए पांच प्रमुख संकल्प निर्धारित किए गए। बैठक में संत समाज और मठ के प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति में विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि यात्रा के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण और धार्मिक एकता को बढ़ावा दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, ‘गविष्ठि यात्रा’ के दौरान देशभर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक सभाएं, प्रवचन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही गौसंरक्षण, सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार और सामाजिक समरसता पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी चरण में लखनऊ में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन कर ‘चतुरंगिणी सेना’ के गठन की औपचारिक घोषणा कीएगी। इस सेना का उद्देश्य धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए संगठित कार्य करना बताया जा रहा है।मठ के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर राष्ट्रहित में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।आगे की रणनीति:यात्रा की रूपरेखा, मार्ग और तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। आयोजन समिति ने संकेत दिया है कि यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव डालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

