भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में रहने वाली वांचो जनजाति अपनी अनोखी और पारंपरिक रीति-रिवाजों के कारण चर्चा में रहती है। यह जनजाति आज भी कई सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करती है, जिनमें कुछ प्रथाएं बेहद चौंकाने वाली हैं।वांचो समुदाय में मृत्यु के बाद किए जाने वाले संस्कारों का तरीका सामान्य समाज से बिल्कुल अलग है। यहां मान्यता है कि पिता की मृत्यु के बाद उसका बेटा ही अंतिम संस्कार करता है, लेकिन इस प्रक्रिया में वह मृत शरीर का सिर काटकर अलग करता है और फिर उसे दफनाया जाता है। यह परंपरा पूर्वजों के सम्मान और आत्मा की शांति से जुड़ी मानी जाती है।
इसके अलावा विवाह से जुड़ी एक और अनोखी प्रथा भी इस जनजाति में प्रचलित है। यहां शादी से पहले लड़कियों का गर्भवती होना आवश्यक माना जाता है। अगर कोई लड़की शादी से पहले कम से कम तीन महीने की गर्भवती नहीं होती, तो उसे विवाह के योग्य नहीं समझा जाता। इस परंपरा के पीछे यह विश्वास है कि इससे लड़की की प्रजनन क्षमता सिद्ध होती है और परिवार को वंश बढ़ाने में कोई बाधा नहीं आती।हालांकि, आधुनिक शिक्षा और बाहरी दुनिया के प्रभाव के चलते अब इन परंपराओं में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है। युवा पीढ़ी इन रीति-रिवाजों पर सवाल उठाने लगी है, लेकिन अभी भी कई इलाकों में ये परंपराएं मजबूती से कायम हैं।

