काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब 700 किलो वजनी यह विशेष घड़ी परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम है, जिसे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा भेंट किया गया है।
यह घड़ी वैदिक पंचांग पर आधारित समय गणना को दर्शाती है, जिसमें दिन की शुरुआत सूर्योदय से होती है और इसे 30 ‘मुहूर्तों’ में विभाजित किया गया है। घड़ी में स्थानीय माध्य समय (LMT), तिथि, नक्षत्र, ग्रहण, त्योहार और चंद्रमा की कलाओं की जानकारी भी मिलती है, साथ ही IST और GMT भी प्रदर्शित होते हैं।मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य लोगों को वैदिक ज्ञान और सनातन परंपराओं से जोड़ना है। अध्ययनों के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि वैदिक समय गणना पर आधारित भविष्यवाणियां कुछ मामलों में आधुनिक प्रणालियों से 20–23% तक अधिक सटीक हो सकती हैं। यह घड़ी न केवल समय देखने की पारंपरिक पद्धति को पुनर्जीवित करती है, बल्कि धाम के सांस्कृतिक अनुभव को भी नई पहचान दे रही है।

