चमकते BHU के पीछे छिपा संकट—EWSS विभाग की अनदेखी पर उठी आवाज

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की रीढ़ माने जाने वाले जल एवं विद्युत आपूर्ति विभाग (EWSS) को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। विभाग से जुड़े सूत्रों का दावा है कि लंबे समय से यह अहम इकाई प्रशासनिक उपेक्षा, संसाधनों की कमी और कर्मचारियों के अभाव से जूझ रही है।आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर, जिसे “मिनी सिटी” कहा जाता है, वहां 24 घंटे बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद EWSS विभाग को पर्याप्त सुविधाएं और समर्थन नहीं मिल पा रहा है। 132 केवी सब-स्टेशन से लेकर छात्रावासों की पानी की टंकियों तक, हर स्तर पर यह विभाग लगातार कार्यरत है, लेकिन इसके बावजूद इसकी समस्याएं अनसुनी बनी हुई हैं।

सूत्रों के अनुसार, विभाग के कर्मचारी भीषण गर्मी, कड़ाके की सर्दी और आपात स्थितियों में भी लगातार फॉल्ट सुधारने और सप्लाई बहाल करने में जुटे रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें सीमित संसाधनों में काम करना पड़ रहा है, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।बताया जा रहा है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में बीएचयू की मूलभूत सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसका असर हजारों छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर पड़ेगा। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय की पहचान उसकी उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था और सर सुंदरलाल हॉस्पिटल जैसी संस्थाओं से जुड़ी है, लेकिन इन्हीं के पीछे काम करने वाला यह विभाग अब संकट में बताया जा रहा है।फिलहाल, इन आरोपों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या EWSS विभाग की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।



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