बीएचयू में संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का स्थायीकरण की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 14वें दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारियों का हौसला कायम है और वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं, इसके बावजूद उन्हें स्थायी दर्जा नहीं दिया जा रहा, जो उनके साथ अन्याय है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।पिछले दो दिनों में तापमान 43-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से धरने पर बैठी दो महिला कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को तत्काल विश्वविद्यालय के अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद भी कर्मचारी अपने साथियों के समर्थन में डटे हुए हैं।
मंगलवार सुबह कर्मचारियों के पांच प्रतिनिधियों ने वाइस चांसलर से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। कर्मचारियों ने बताया कि वे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर लंबे समय से कार्यरत हैं और उन्हें स्थायी किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आगामी जूनियर क्लर्क परीक्षा को लेकर भी आपत्ति जताई।हालांकि, प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि भर्ती प्रक्रिया और नियमितीकरण अलग-अलग विषय हैं। इस मामले में एक समिति गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। साथ ही तय परीक्षाएं अपने निर्धारित समय पर कराने की बात कही गई।धरना दे रहे कर्मचारियों ने प्रशासन के रुख पर असहमति जताते हुए कहा कि लगभग 1200 कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किए बिना नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं है। उन्होंने पहले स्थायीकरण की नीति लागू करने की मांग दोहराई।कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे आमरण अनशन जैसे कदम उठाने पर मजबूर होंगे।

