सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया में बाधा डालकर विपक्ष ने देश की महिलाओं के साथ “छल” किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जश्न मनाना नारी शक्ति का अपमान है, जिसे महिलाएं बर्दाश्त नहीं करेंगी।अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि संसद के बजट सत्र के दौरान 16 से 18 अप्रैल के बीच हुई विशेष बैठक में लोकसभा में तीन अहम विधेयकों पर संयुक्त चर्चा हुई। इनमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 प्रमुख रहा, जिसका उद्देश्य 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जनगणना और परिसीमन आवश्यक हैं, जो कोविड-19 के कारण विलंबित हुए।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 815 करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके साथ ही दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में सीटों के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी शामिल है।उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों में मतभेद सामने आए। समाजवादी पार्टी ने धर्म आधारित आरक्षण की मांग उठाई, डीएमके ने दक्षिण भारत के राज्यों के हितों को लेकर चिंता जताई, जबकि कांग्रेस ने परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। सरकार की ओर से कहा गया कि सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व संतुलित रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि राजनीतिक सहमति न बनने के कारण फिलहाल महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया अधूरी रह गई है। उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया और विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनकी असहमति से देश की महिलाओं में नाराजगी बढ़ सकती है।

