वाराणसी में वंशी की मधुर तान से सजी संगीत संध्या, श्रोताओं ने लिया रसास्वादन

नागरी नाटक मंडली प्रेक्षागृह में शास्त्रीय संगीत की मधुर स्वर लहरियों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। अवसर था नागरी नाटक मंडली और अन्नपूर्णा देवी फाउंडेशन के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय समारोह का।समारोह के प्रथम चरण में मुंबई से आए प्रख्यात वंशी वादक पं. नित्यानंद हल्दीपुरी ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने राग यमन से कार्यक्रम की शुरुआत की और अपनी मधुर बांसुरी वादन से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात एक मनमोहक धुन प्रस्तुत कर उन्होंने अपनी प्रस्तुति को विराम दिया।

इस दौरान तबले पर बनारस के पं. ललित कुमार और तानपुरे पर वैदेही निमगा ओकर ने सधे हुए अंदाज में संगत कर प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया।कार्यक्रम के द्वितीय चरण में जसरंगी गायन की विशेष प्रस्तुति हुई, जिसमें बनारस के पं. देवाशीष डे और डॉ. रागिनी सरना ने युगल गायन प्रस्तुत किया। दोनों कलाकारों ने राग धानी और राग मालकौंस की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी। इसके बाद उन्होंने बनारसी दादरा प्रस्तुत कर संगीत संध्या को और भी यादगार बना दिया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. अजित सैगल ने अतिथियों और कलाकारों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।पूरी संध्या शास्त्रीय संगीत की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सजी रही, जिसने श्रोताओं को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।



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