अब AI करेगा राशन वितरण की निगरानी: ‘सार्थक-PDS’ योजना को केंद्र की मंजूरी

केंद्र सरकार ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के तहत अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर के करोड़ों लाभार्थियों तक खाद्यान्न की सुचारु और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

सरकार के मुताबिक, इस योजना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे खाद्यान्न के भंडारण, परिवहन और वितरण की वास्तविक समय (रियल टाइम) निगरानी संभव हो सकेगी। साथ ही, उचित दर की दुकानों को भी तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा, जिससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि योजना के तहत तीन प्रमुख एआई मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। ‘निर्मल’ मॉड्यूल लाभार्थियों के प्रबंधन के लिए, ‘आशा’ मॉड्यूल शिकायत निवारण और नागरिकों के फीडबैक के लिए तथा ‘सक्षम’ मॉड्यूल सप्लाई चेन की निगरानी के लिए कार्य करेगा। इन तकनीकों के माध्यम से राशन वितरण प्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना मौजूदा पीडीएस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए नहीं, बल्कि उसे और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाई गई है। इसके जरिए राज्यों के बीच खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण प्रबंधन और राशन दुकानों की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाएगा। इससे लाभार्थियों को समय पर और बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है।





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