वाराणसी। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में कैडर रिक्रूटमेंट रूल (कैडर रिक्रूटमेंट रूल ) को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ गया है। नए नियम लागू होने से कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन ) और कैडर परिवर्तन (कैडर चेंज ) की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक कठिन होने की आशंका जताई जा रही है।इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय के लगभग 650 कर्मचारियों ने कुलपति (VC) को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया है। कर्मचारियों का कहना है कि नए नियमों से उनके भविष्य और सेवा संबंधी अवसर प्रभावित होंगे।
उन्होंने मांग की है कि नियमों पर पुनर्विचार किया जाए और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाएं।कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के अनुसार, लंबे समय से विश्वविद्यालय में पदोन्नति और कैडर परिवर्तन की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल रही है, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद कई तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं बढ़ सकती हैं।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए कैडर रिक्रूटमेंट रूल का उद्देश्य भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाना है। प्रशासन ने कर्मचारियों के सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।फिलहाल, कर्मचारियों द्वारा सौंपे गए प्रत्यावेदन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।


