वाराणसी। नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पाण्डेय की अदालत ने तारापुर, सिंधौरा निवासी आरोपित राबिन यादव को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल व धनंजय कुमार ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने चोलापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी साढ़े सोलह वर्षीय नाबालिग पुत्री को एक लड़का राबिन यादव पिछले कई दिनों से स्कूल आते-जाते समय रास्ते में रोककर छेड़खानी किया करता था तथा उसे ब्लैकमेल किया करता था कि उसका फोटो, वीडियो उसके फोन में है। जिसे पूरे गाँव में सबको भेज देगा और वह कहीं मुँह नहीं दिखा पायेगी। वादी मुकदमा की पुत्री लोक-लाज के डर से किसी से कुछ नहीं कहा करती थी, जिस वजह से राबिन यादव का मन काफी बढ़ गया।
जिसके बाद वह 14 मार्च 2026 को करीब 04.30 शाम वादी की पुत्री को धमकी देकर चांदमारी चौराहे से जबरन अपने साथ लेकर मुगलसराय (पीडीडीयू नगर), चन्दौली गया और वहाँ किसी कमरे में बंधक बनाकर रखा और असलहे के बल पर उसकी पुत्री के साथ दो दिन तक दुष्कर्म किया तथा दुष्कर्म की बात अपने परिवार में किसी से बताने पर वादी की पुत्री सहित पूरे परिवार को गोली मारने की धमकी देकर 15 मार्च 2026 को रात करीब 10.30 बजे उसे भोजूबीर चौराहे पर छोड़कर भगा दिया। उसकी बेटी किसी प्रकार घर पहुँची, लेकिन इतनी डरी हुई थी कि किसी से कुछ भी नहीं बता पा रही थी। बाद में 17 मार्च 2026 को थोड़ी सामान्य होने पर व परिवार के लोगों द्वारा हिम्मत दिलाने पर अपनी आप बीती बता पायी घटना सुनकर पूरे परिवार के लोग सन्न रह गये। राबिन यादव ने उसकी पुत्री का जीवन बर्बाद कर दिया। इस मामले में पुलिस ने राबिन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।


