रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री ने 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा हमें "अहिंसा परमो धर्मः" का संदेश देती है, लेकिन जब कोई राष्ट्र, समाज और मानवता की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों के प्रति दृढ़ता और शक्ति का प्रदर्शन ही सच्चा धर्म है तथा भारतीय सेना इसी भावना के साथ राष्ट्र की सुरक्षा में निरंतर जुटी हुई है।मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी लखनऊ में 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके साथ वाटिका का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में नौसेना बैंड की आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में वही राष्ट्र सम्मान प्राप्त करता है जो सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि कमजोर राष्ट्रों और समाजों की बात कोई नहीं सुनता, जबकि सशक्त राष्ट्रों के साथ दुनिया मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना चाहती है। इसलिए भारत को सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ना होगा।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय सैनिक देश की सीमाओं पर कठिनतम परिस्थितियों में डटे रहते हैं। चाहे हिमालय की बर्फीली चोटियां हों, रेगिस्तान की तपती रेत हो या समुद्र की ऊंची लहरें, भारतीय जवान हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब सैनिक सीमाओं की रक्षा करते हैं, तभी देश के 140 करोड़ नागरिक सुरक्षित और निश्चिंत होकर अपना जीवन व्यतीत कर पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है। इसके लिए सुरक्षा, सुशासन और विकास का मजबूत आधार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही निवेश, उद्योग, रोजगार और विकास की संभावनाएं बढ़ती हैं। 


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