नोएडा में मजदूर आंदोलन से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में विभिन्न संगठनों ने आवाज़ बुलंद की है। दिशा छात्र संगठन और जागरूक नागरिक मंच ने संयुक्त बयान जारी कर वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा और छात्र एक्टिविस्ट आकृति चौधरी पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) को तत्काल वापस लेने की मांग की है।संगठनों का आरोप है कि मजदूर आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया है। बयान में कहा गया कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस हिंसा में संलिप्तता के ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी है।
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।संगठनों ने आरोप लगाया कि मजदूरों के समर्थन में आवाज़ उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही मांग की गई कि नोएडा, गुरुग्राम और मानेसर में गिरफ्तार सभी मजदूरों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों को तत्काल रिहा किया जाए तथा मजदूर आंदोलन का दमन बंद किया जाए।

