काशी विश्वनाथ मंदिर की प्राचीन नागर-शैली वास्तुकला के संरक्षण को लेकर श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। बाबा के नियमित दर्शन करने वाले काशी के श्रद्धालुओं ने हाल ही में मुलाकात कर मंदिर के गर्भगृह के दक्षिणी द्वार पर स्थित स्वर्ण-मंडित उरुश्रृंग (उपशिखर) के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी।श्रद्धालुओं की इस चिंता को गंभीरता से लेते हुए मामला आज कमिश्नर के समक्ष उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मंदिर की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए क्षतिग्रस्त स्वर्ण-मंडित उपशिखर का शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाए तथा प्राचीन नागर-शैली वास्तुकला के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इस संबंध में कमिश्नर एस. राजलिंगम ने आश्वस्त किया कि विशेषज्ञों की टीम से बातचीत शुरू हो चुकी है और जल्द ही जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।श्रद्धालुओं ने कहा कि काशी की आस्था, विरासत और मंदिर की गरिमा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

