रात 10 बजे के बाद तेज आवाज पर हाईकोर्ट सख्त, अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शादी-विवाह और अन्य समारोहों में रात 10 बजे के बाद होने वाले तेज शोर पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि तेज आवाज से आम लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए।न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश धर्मपाल यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने सामाजिक और व्यावसायिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण की समस्या का भी संज्ञान लिया।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, पुलिस, नगर निगम, एलडीए समेत सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे रात 10 बजे के बाद तेज आवाज और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करें।इसके साथ ही कोर्ट ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और विकास प्राधिकरणों को आदेश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पार्कों, खेल मैदानों और खुले स्थानों का सर्वे कर उनका पूरा विवरण तैयार करें तथा उन्हें उत्तर प्रदेश पार्क, खेल मैदान और खुली जगह संरक्षण एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के तहत सरकारी सूची में शामिल करें।अदालत ने स्पष्ट कहा कि अधिनियम की धारा 6 के तहत सूचीबद्ध पार्क, खेल मैदान और खुले स्थानों का उपयोग उनके मूल उद्देश्य के अलावा किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकता, जब तक कि सक्षम प्राधिकरण से पूर्व अनुमति न ली जाए।



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